Wednesday, 10 January 2018

तुम्हारा नाम है

किसी के दिल पर तुम्हारा ही नाम है।
किसी की हंसी पर तुम्हारा नाम है।।

इस दिल की गहराईयों में तुम्हारा नाम है।
सींचा है जिसको प्यार और तमन्ना से उस कहानी पर तुम्हारा नाम है।।

नहीं चाहिए कुछ और तेरे सिवा।
बस हसरत बन कर दिल में रह उतना ही काफी है।।

मेरे नसीब में तेरा होना सही है या नहीं पता नहीं
पर मेरे दिल में तेरा होना अलग बात है।।

तुम किसी और के हो अब मैं क्या कर सकती हूँ इस में।
पर जो मेरे हक़ में था उसे किसी और को देना अलग बात है।।

जिस में तेरा ज़िक्र होता है।
उस ज़िक्र में मेरा होना अलग बात है।।

किस्से कहानियां सब सुनी थी मैंने।
पर उन क़िस्सों में भी तो तुम्हारा नाम है।।

क्या करूँ मैं ऐसा कि भूल जाऊँ तुम्हें।
पर जहाँ देखो वहाँ तुम्हारा नाम है।।

इन आँखों में होंठों पे तुम्हारा नाम है।
दिलो दिमाग पर बस तुम्हारा नाम है।।

No comments:

Post a Comment

मुंबई की एक शाम - 2

कमरे में जाकर काया सोचने लगी कि आखिर उसकी नन्ही सी बेटी कब इतनी बड़ी हो गई उसको पता ही नहीं चला। किया का दिया यह सप्राइज़ उसको सबसे खास और याद...

शायद ऐसा होता तो कितना अच्छा होता।