Thursday, 8 March 2018

खुश है

तुम्हे ऐसा क्यों लगता है कि लड़कियों को तुम्हारी ज़रूरत होती है।
कभी कभी ही सही पर वो खुद पर फ़िक्री होती है।।

तुम रहो न रहो उसे कोई मतलब नहीं।
बस कुछ सादगी ही उसे तुमसे जोड़ जाती है।।

तुम अपने दुनिया में रहो या उसकी दुनिया में।
तेरे आने के आहट भर से वो खौफ जाती है।।

ये कोई आम लड़की नहीं।
ये वो है जिसने वक़्त के साथ तेरा भी धोखा खाया है।।

जानती है वो तू न आएगा अब।
फिर भी तेरे नाम का दिया जलाती है।।

अब तू ही सोच क्या कीमत होगी तेरी।
अगर उसने तुझे पाया है।।

यूँ तो वो खुश है तेरे बिना भी।
जी रही है ज़िन्दगी पर तेरा आना और जाना ख़त्म कर दिया है उसे।।

वो खुश है तेरे बिना भी वो खुश है तेरे बिना भी।।

1 comment:

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शायद ऐसा होता तो कितना अच्छा होता।