Wednesday, 21 February 2024

......आखिर क्यों होती है पुरुषों की महिला से पहले मृत्यु...

गरुण पुराण एक ऐसा पुराण है जिसके अंतर्गत मनुष्यों के पाप पुण्य का पूरा लेखा-जोखा समाहित होता है। इस पुराण में मनुष्य के हर कर्म को लेकर भी एक एक सजा का वर्णन है। इस पुराण में मनुष्य के जनम से लेकर मृत्यु के बाद तक के सफर का भी वर्णन है, साथ ही यह भी वर्णित है कि महिलाओं के किस गलती की वजह से उनके पति की पूर्व मृत्यु हो जाती है।

गरुण पुराण के अनुसार, यदि कोई महिला अपने पति की लंबी उम्र के लिए वट सावित्री या करवाचौथ का व्रत करती है लेकिन उसके नियमों का अच्छे से पालन नहीं करती है तो उसके पति की पूर्व मृत्यु हो जाती है। व्रत के दौरान अगर वो चुपके से कुछ खा लेती है या पानी भी पी लेती है और किसी को भनक तक नहीं लगने देती है तो ऐसे में उसके पति की युवावस्था में मृत्यु हो जाती है।

इस पुराण के अनुसार, यदि कोई महिला नियमानुसार सारे तीज-त्योहार करती है लेकिन अपने पति से हमेशा लड़ती है, उसको उल्टा सीधा बोलती है, उसको मारती पीटती है या अपने पति की बात- बात पर झूठी कसम खाती है तो भी उसके पति की युवाकाल में ही मृत्यु हो जाती है। क्योंकि पति को परमेश्वर का दर्जा दिया गया है और परमेश्वर से कलह करना मतलब पाप का भागीदार होना है।

गरुण पुराण के अनुसार, यदि कोई शादीशुदा महिला अपने पति के नाम का मंगलसूत्र निकाल देती है, पैर में पायल और बिछिया नहीं पहनती है, हाथ में चूड़ियां, और मांग में सिंदूर नहीं लगाती है तो ऐसे में उसके पति की मृत्यु जल्दी हो जाती है।

इस पुराण के अनुसार, यदि कोई महिला मांस- मदिरा का सेवन करती है, हर समय मन में गलत विचार लाती है, गलत काम करती है पराए मर्दों की तरफ नजर रखती है, पराए मर्दों के साथ संबंध स्थापित करती हैं तो ऐसे में भी पति की पूर्व मृत्यु हो जाती है।

गरुण पुराण के अनुसार, यदि कोई महिला बृहस्पतिवार को बाल धोती है तो ऐसे में उसके पति और बच्चे की जान को खतरा हो जाता है। इस पुराण के अनुसार ऐसी स्थिति में महिला को जल्दी ही अपने पति और बच्चे के सुख से वंचित रहना पड़ता है।


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